जब हम व्रत होते हैं तो सबसे ज्यादा असर ग्लूकोज और कोलेस्ट्रॉल पर पड़ता है। शुगर या दिल के मरीज हैं तो उनके लिए व्रत कई बार खतरनाक हो सकता है।
शाकाहार ऐसी ही स्थितियों से निपटने में कारगर है। हमारा किचन किसी बड़े वैद्य से कम नहीं है। मसालों से लेकर अनाज तक में दवाइयों के कई गुण होते हैं।
व्रत में विटामिन बी6, 12, ए, फोलिक एसिड, प्रोटीन, जिंक, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, फाइबर की सीधे तौर पर कमी हो जाती है। कार्बोहाइड्रेट और फाइबर की कमी से विटामिन डी भी गड़बड़ाने लगता है।
अब इनकी कमी को पूरी करने के लिए एक बैलेंस फलहाल जरूरी हो जाता है। सिंघाड़े का आटा, आलू लिया तो उसमें फाइबर और कार्बोहाइड्रेट खूब मिल जाएगा। लेकिन, शुगर और बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है। इसे बैलेंस करने के लिए मूंगफली बेहतरीन सोर्स है।
मतलब हमें सिंघाड़े का आटा, आलू और मूंगफली का इस्तेमाल करते हुए एक स्वादिष्ट फलहार तैयार करना है। स्वादिष्ट में तो मुझे बस पराठे ही पसंद हैं। व्रत वाले पराठे भी पंजाबी पराठे से कम थोड़े होते हैं।
3 कटोरी सिंघाड़े का आटा लीजिए। उसमें एक कटोरी भुनी मूंगफली पीसकर मिला लीजिए। मूंगफली ठंडी होने पर ग्राइंडर में एक साथ नहीं, धीरे-धीरे कर पीसीए। वरना वह तेल छोड़ देगी, फिर मामला थोड़ा उलझ जाएगा।
उफ्फ इससे पहले मसालों की तैयारी करनी थी। 3 चम्मच खड़ी धनिया, 2 चम्मच खड़ा जीरा भून लीजिए। एक चम्मच काली मिर्च, 7-8 लौंग भी भूनकर सभी को पीस लीजिए। काली मिर्च में एंटी ऑक्सीडेंट मिलेगा और पाचनतंत्र भी दुरुस्त रहेगा। लिपिड, कोलेस्ट्रॉल और ग्लूकोज के स्तर को भी कम करेगी।
मसालों को सिंघाड़े वाले मिश्रण में मिलाने के बाद 3 इंच की अदरक, हरी मिर्च और हरी धनिया थोक के भाव काटकर मिलाइए। अब उबला आलू मिलाकर आटे को डो की शक्ल देनी है। पानी बिल्कुल न डालिए। डो बनते ही थोड़ा देसी घी मिलाकर आटे को चिकना कीजिए।
आलू के पराठे जिस मशीन से बनाते हैं, उसी से पॉलीथिन के बीच में लोई रखकर इस पराठे को बनाना है। अगर मशीन न हो तो पॉलीथिन में लोई रखने के बाद किसी थाली से भी प्रेस करके शेप दे सकते हैं। अब तवे को गर्म कीजिए। मध्यम आंच पर देसी घी लगाकर पराठे को सेंकिए। देसी घी विटमिन डी की कमी को पूरा कर देगा।
पराठा तो तैयार है, लेकिन इसकी जान चटनी होगी। चटनी के लिए 2 इंच अदरक, 3 मध्यम आकार के टमाटर, हरी धनिया (डंढल समेत) और हरी मिर्च लीजिए। पीसने के बाद थोड़ी दही मिलाकर एक बार ग्राइंड कीजिए। बस चटनी भी तैयार।
चटनी विटमिन सी, ए, के, कैल्शियम, मैगनीज, आयरन, मैग्निशियम, फॉस्फोरस, पोटैशियम, थायमिन और कैरोटीन की कमी को पूरा कर देगी।
अब बेफिक्र होकर व्रत रखिए। हां, पूरे दिन 2-3 घंटे के अंतराल पर केला, सेब, भुनी मूंगफली, मखाना जरूर खाते रहिए। माता रानी ने कहा है कि पहला सुख निरोगी काया... 😀😀
#VratRecipes #FastingFood #NavratriRecipes
टिप्पणियाँ